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रहीम के दोहे

रहीम के दोहे  अति लघु उत्तरीय प्रश्न 1. कवि रहीम के अनुसार प्रेम के धागे को किस प्रकार नहीं टूटने देना चाहिए? उत्तर-  कवि रहीम के अनुसार प्...

Monday, 30 May 2022

कविता का भावार्थ 'प्रियतम' कवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

भावार्थ (सार) :
प्रस्तुत 'प्रियतम' नामक प्रेरणादायी कविता में एक कर्मठ किसान और प्रतिक्षण नारायण नाम का स्मरण करने वाले नारद मुनि के बारे में बताया गया है । एक बार नारद मुनि ने भगवान विष्णु से पूछा कि उनका सर्वाधिक प्रिय भक्त कौन है ? भगवान विष्णु ने एक किसान को अपना प्रिय भक्त बताया , जो दिन में केवल तीन बार ही राम जी का नाम लेता था। नारद मुनि उसकी परीक्षा लेने पृथ्वीलोक पहुँचे। नारद जी ने देख की वह सज्जन किसान दिन में तीन बार ही अपने इष्ट का नाम लेता है। यह देख  वह वापस बैकुंठ धाम पहुँचे पर विष्णु जी से कुछ कह पाते उससे पहले ही भगवान विष्णु ने उन्हें एक तैलपूर्ण पात्र देकर भूमंडल की परिक्रमा करने का आदेश दिया और कहा कि इस पात्र से एक बूँद भी तेल की नीचे न गिरने पाए । परिक्रमा करके जब नारद वापस विष्णु लोक पहुँचे तो विष्णु भगवान ने नारद जी से पूछा- “ तेल-पात्र लेकर भूमंडल की परिक्रमा करते समय उन्होंने कितनी बार अपने इष्ट का नाम लिया ?" नारद ने कहा कि एक बार भी नहीं, क्योंकि उन्हें जो कार्य दिया गया था, उसी में उनका ध्यान लगा रहा। भगवान विष्णु ने उन्हें समझाया कि किसान भी सांसारिक दायित्वों निर्वाह कर रहा है, फिर भी दिन में तीन बार अपने इष्ट का नाम लेता है, इसलिए वह मेरा सर्वाधिक प्रिय भक्त है। इस प्रकार नारद ने कर्म का महत्त्व समझा।
कविता का भाव:
ईश्वर का सच्चा भक्त वही होता है, जो अपने सभी कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करता है। भक्ति का सच्चा स्वरूप, कर्म करते हुए ईश्वर का नाम स्मरण करने में निहित है। भगवान विष्णु ने उस किसान को अपना प्रिय भक्त माना, जो सुबह से शाम तक खेती करते हुए, अपने सांसारिक कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वाह करते हुए, दिन में केवल तीन बार अपने इष्ट देव के मधुर नाम का स्मरण करता है।

Question Answers कविता 'प्रियतम' कवि सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

1.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(क) भगवान विष्णु ने अपना प्रियतम किसे बताया ? 
उत्तर- भगवान विष्णु ने अपना प्रियतम भक्त एक सज्जन किसान को बताया। 
(ख) भगवान विष्णु क्या सुन कर हँसे ? 
उत्तर- भगवान विष्णु नारद की यह बात सुनकर हँसे कि वे उस किसान की परीक्षा लेना चाहते हैं। 
(ग) नारद किसान की परीक्षा लेने कहाँ पहुँचे ? 
उत्तर- नारद किसान की परीक्षा लेने उसके घर पर पहुँचे। 
(घ) नारद ने तैल-पूर्ण पात्र लेकर किसकी परिक्रमा की ? 
उत्तर- नारद ने तेल-पूर्ण पात्र लेकर समस्त भूमंडल की परिक्रमा की।
(ङ) अंत में नारद ने किस सत्य को स्वीकार किया ? 
उत्तर- -अंत में नारद ने इस तथ्य को स्वीकार किया कि वह किसान कई उत्तरदायित्व  निभाते हुए भी प्रभु का नाम लेता है, इसलिए वह भगवान का प्रियतम भक्त है। 

2. लघु उत्तरीय प्रश्न:
(क) नारद विष्णु जी के पास किसलिए गए थे ?
उत्तर- नारद विष्णु के पास यह जानने के लिए गए थे कि मृत्यु लोक में उनका प्रधान भक्त कौन है ?
(ख) नारद किसान की परीक्षा क्यों लेना चाहते थे ?
उत्तर- नारद किसान के परीक्षा इसलिए लेना चाहते थे ताकि वे जान सकें कि विष्णु जी ने उसे ही अपना प्रधान भक्त क्यों कहा है ?
(ग) नारद क्या देखकर चकरा गए ? 
उत्तर- नारद यह देखकर चकरा गए कि जिस किसान को विष्णु जी ने अपना परम भक्त माना है, उस किसान ने दिन भर में केवल तीन बार ही अपने इष्ट को याद किया। 
(घ) इस कविता को पढ़कर आपके मन में क्या विचार उमड़े ?
उत्तर- इस कविता को पढ़कर हमारे मन में यह विचार उमड़ते हैं कि हम चाहे जो भी काम करें मगर किसी भी समय हमें ईश्वर को नहीं भूलना चाहिए तथा उनका स्मरण करते रहना चाहिए। साथ ही अपने कर्तव्यों का निष्ठा पूर्वक पालन करना चाहिए। 

3. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न:
(क) किसान भगवान का नाम किस-किस समय लिया करता था ? 
उत्तर- किसान प्रातः काल खेतों पर जाने से पहले दोपहर में घर के दरवाजे पर पहुँचकर और फिर शाम को खेतों से आकर घर के दरवाजे पर आकर अर्थात दिन में कुल तीन बार ही भगवान का नाम लिया करता था। 
(ख) "फिर भी भगवान को किसान ही याद आया ! 
(i) कविता की यह पंक्ति किसके द्वारा किस संदर्भ में कही गई है ? 
उत्तर- कविता की यह पंक्ति नारद जी ने नारद जी द्वारा तब कही गई है, जब उन्होंने किसान की परीक्षा लेने के दौरान देखा कि वह किसान दिन में केवल तीन बार ही भगवान का नाम लेता है। 
(ii) इस पंक्ति से नारद जी के मन की कौन-सी भावना उभरकर सामने आती है ? 
उत्तर- इस पंक्ति से नारद के मन में मौजूद आश्चर्य एवं स्वयं को बड़ा भक्त मानने संबंधी अभिमान की भावना उभर कर सामने आती है। 
(ग) विष्णु जी ने नारद जी को कौन-सा काम सौंपा और क्यों ? 
उत्तर- विष्णु जी ने नारद जी को कहा कि वे तेल पूर्ण पात्र लेकर पूरे भूमंडल की परिक्रमा करके आएँ, क्योंकि यह काम उनके अलावा कोई और नहीं कर सकता है। 
(घ) नारद जी को तेलपूर्ण पात्र देते हुए विष्णु जी ने क्या निर्देश दिया ? 
उत्तर- नारद जी को तेल पूर्ण पात्र देते हुए विष्णु जी ने यह निर्देश दिया कि इस पात्र से तेल की एक बूँद भी नीचे नहीं गिरने पाए। 
(ङ) विष्णु जी ने किसान की क्या विशेषता बताई ? 
उत्तर- विष्णु जी ने किसान की विशेषता बताते हुए कहा कि वह अपने अनेक उत्तरदायित्व का निर्वाह करते हुए भी अपने इष्ट का नाम लेना कभी नहीं भूलता है। 
(च) कविता में किसान की भक्ति को नारद की भक्ति की अपेक्षा श्रेष्ठ बताकर कवि क्या प्रमाणित करना चाहते हैं ? 
उत्तर- कविता में किसान की भक्ति को नारद की भक्ति की अपेक्षा श्रेष्ठ बताकर कवि  यह प्रमाणित करना चाहते हैं कि श्रेष्ठ वे हैं, जो अपने कर्तव्यों को पूरा करते हुए भगवान का स्मरण करते हैं, न कि अपने कर्तव्यों को छोड़कर। कवि के अनुसार हमारे कर ईश्वर द्वारा ही प्रदत हैं अतः उन्हें करना ही हमारी सच्ची पूजा है। 

Friday, 27 May 2022

MCQ Based On Anusvar अनुस्वार पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न

अनुस्वार पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न:
1. अनुस्वार के उचित प्रयोग वाला शब्द है -
(क) i. जगंल   
       ii. जँगल  
       iii. जंगल 
       iv. जगँल 
उत्तर- iii. जंगल 
(ख) i. संभावना  
      ii. सुंगधित 
     iii. असभंव 
     iv. हंसना 
उत्तर- i. संभावना  
(ग) i. सयंम 
     ii. मदांकिनी 
    iii. संगति 
    iv. कुडंली 
उत्तर- iii. संगति 
(घ) i. दण्ड 
     ii. दंड 
    iii. दन्ड 
    iv दडं 
उत्तर- ii. दंड 
(ङ) i. महामन्त्री 
      ii. महानमंत्री 
     iii. मांहमंत्री 
     iv. महामंत्री 
उत्तर- iv. महामंत्री 
(च) i. संगमरमर 
      ii. सगंमरमर 
     iii. सगमंरमर 
     iv. सगमरमंर
उत्तर-  i. संगमरमर 
(छ) i. अंत्यत 
      ii. चंदन 
     iii. भाँति 
     iv. मँडली 
उत्तर- ii. चंदन 
2. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग हुआ है -
(i) गणतत्र
(ii) ध्वनिया
(iii) गणतंत्र
(iv) ध्वनियां
उत्तर- (iii) गणतंत्र
3. 'सन्धि' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) सँधि
(ii) सधि
(iii) सधी
(iv) संधि
उत्तर- (iv) संधि
4. निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) कंपन
(ii) कम्पन
(iii) कगंन
(iv) पुयं
उत्तर- (i) कंपन
5. 'सम्बन्ध' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
 (i) सबध
(ii) संबध
(iii) संबंध
(iv) सबंध
उत्तर- (iii) संबंध
6. निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) सुंदर
(ii) सुँदर
(iii) सुदंर
(iv) सुदर
उत्तर- (i) सुंदर
7. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग हुआ है -
(i) गगां
(ii) गंगा
(iii) अकं
(iv) सुंदरं
उत्तर- (ii) गंगा
8. 'अङ्क' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) अकं
(ii) अक
(iii) अंक
(iv) अन्क
उत्तर- (iii) अंक
9. निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द को छाँटिए -
(i) नाँद
(ii) अकं
(iii) पसंद
(iv) कचनं
उत्तर- (iii) पसंद
10.  निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) कितु
(ii) परंतु
(iii) नीदं 
(iv) नीद
उत्तर- (ii) परंतु
11.  निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) कंगन
(ii) गगा
(iii) पथ
(iv) बिदु
उत्तर- (i) कंगन
12. 'पन्थ' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) पंथ
(ii) पथं
(iii) पथ
(iv) पँत
उत्तर- (i) पंथ
13. निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) शब्द
(ii) मुंबई
(iii) अकं
(iv) प्रारभ
उत्तर- (ii) मुंबई
14. 'कण्ठ' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) कणठ
(ii) कंठ
(iii) कठं
(iv) कन्ठ
उत्तर- (ii) कंठ
15. निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) मत्रं
(ii) दिनाक
(iii) श्रृंगार
(iv) प्रसन
उत्तर- (iii) श्रृंगार
16. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) वाद्य यत्रं
(ii) श्रृगार
(iii) वाद्य यंत्र
(iv) सपन्न
उत्तर- (iii) वाद्य यंत्र
17. 'घण्टी' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) घटी
(ii) घंटी
(iii) घन्टी
(iv) घँटी
उत्तर- (ii) घंटी
18. निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) प्रसन
(ii) गेंद
(iii) चोच
(iv) लबां 
उत्तर- (ii) गेंद
19. 'मण्डल' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) मंडल
(ii) मॉडल
(iii) मडल
(iv) मँडल
उत्तर- (i) मंडल
20. निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) गंध
(ii) सुगधिंत
(iii) सुगध
(iv) गँध
उत्तर- (i) गंध
21. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) कंपन
(ii) कचनं
(iii) पतग
(iv) दिनाकं
उत्तर- (i) कंपन
22. 'गङ्गा' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) गगां
(ii) गन्गा
(iii) गंगा
(iv) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (iii) गंगा
23. निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) चँचल
(ii) प्रसन
(iii) मंजुला
(iv) सुँदर
उत्तर- (iii) मंजुला
24. 'प्रारम्भ' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) प्रारंभ
(ii) प्रारभं
(iii) प्रांरम्भ
(iv) प्रांरंभ
उत्तर- (i) प्रारंभ
 25.  निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) पख
(ii) शंख
(iii) सँकर
(iv) शँख
उत्तर- (ii) शंख
26. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) वाड्.मय
(ii) अन्य
(iii) चिन्मय
(iv) रंग
उत्तर- (iv) रंग
27. 'अन्गूर' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) अगूंर
(ii) अंगूर
(iii) अगूरं
(iv) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (ii) अंगूर
28. निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) गगां
(ii) बंदर
(iii) अगूँर
(iv) लगूंर
उत्तर- (ii) बंदर
29. 'रङ्क' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) रंक
(ii) रकं
(iii) रनक
(iv) रँक
उत्तर- (i) रंक
30.निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) सतं
(ii) पतगं
(iii) अंत
(iv) चचल
उत्तर- (iii) अंत
31. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) चम्मच
(ii) प्रयत्न
(iii) मंगल
(iv) घटो
उत्तर- (iii) मंगल
32. 'शङ्कर' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) शंकर
(ii) शकंर
(iii) शकँर
(iv) शँकर
उत्तर- (i) शंकर
33. निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) पंतंग
(ii) झन्डा
(iii) डंडा
(iv) पँकज
उत्तर- (iii) डंडा
34. 'सञ्जय' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) संजय
(ii) सँजय
(iii) सजंय
(iv) सजन्य
उत्तर- (i) संजय
35. निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) संपत्ति
(ii) दपत्तिं
(iii) अतं
(iv) संपत्तिं
उत्तर- (i) संपत्ति
36. निम्नलिखित शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) हिदी
(ii) पजाब
(iii) बगंला
(iv) बंगला
उत्तर- (iv) बंगला
37. 'मन्दिर' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) मंदिर
(ii) मदिंर
(iii) मँदिर
(iv) मन्दिरं
उत्तर- (i) मंदिर
38. निम्नलिखित शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) नँदन
(ii) लदंन
(iii) चंदन
(iv) चँदन
उत्तर- (iii) चंदन
39. 'लम्बा' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) लंबा
(ii) लँबा
(iii) लबां
(iv) लन्बा
उत्तर- (i) लंबा
40. निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) मतंर
(ii) मत्र
(iii) अंतर
(iv) अतरं
उत्तर- (iii) अंतर
41. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) गोद
(ii) चोंच
(iii) मोच
(iv) दोनो
उत्तर- (ii) चोंच
43.  'आन्नद' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) आनंद
(ii) आंनद
(iii) आनँद
(iv) आँनद
उत्तर- (i) आनंद
44.  निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) सुगंध
(ii) सुगँध
(iii) सुगधं
(iv) सुगन्धं
उत्तर- (i) सुगंध
45. 'प्रबन्ध' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) प्रबधं
(ii) परबंध
(iii) प्रंबंध
(iv) प्रबंध
उत्तर- (iv) प्रबंध
46. निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) विडंबना
(ii) कचना
(iii) तड़पना
(iv) दिनाँक
उत्तर- (i) विडंबना
47. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) विद्वान्स
(ii) दिव्याश
(iii) हंस
(iv) परिहाँस
उत्तर- (iii) हंस
48.  'नारङ्गी' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) नारँगी
(ii) नारंगी
(iii) नारँगि
(iv) नांरगी
उत्तर- (ii) नारंगी
49.  निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) पथ
(ii) दत
(iii) संत
उत्तर- (iii) संत
50.  'सन्तरा' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) संतरा
(ii) सनंतर
(iii) सतंरा
(iv) सतराँ
उत्तर- (i) संतरा
51. निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) मगल
(ii) बंधन
(iii) काचं
(iv) बँधन
उत्तर- (ii) बंधन
52. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) सगंति
(ii) अत्यंत
(iii) पडित
(iv) पजांब
उत्तर- (ii) अत्यंत
53. 'निमन्त्रण' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) निमन्त्रं
(ii) निमँत्रण
(iii) निमंत्रण
(iv) निंमन्त्रं
उत्तर- (iii) निमंत्रण
54. निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) आतंक
(ii) आंतंक
(iii) आतक
(iv) आँतक
उत्तर- (i) आतंक
55. 'असम्भव' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) अंसभव
(ii) असँभव
(iii) असम्भंव
(iv) असंभव
उत्तर- (iv) असंभव
56. निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) पडित
(ii) मत्र
(iii) पतंग
(iv) शख
उत्तर- (iii) पतंग
57. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) सुगँधित
(ii) गध
(iii) सुंगध
(iv) सुगंधित
उत्तर- (iii) सुंगध
58. 'पण्डित' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) पंडित
(ii) पडित
(iii) पंडिंत
(iv) पंडिण्त
उत्तर- (i) पंडित
59. निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) पतग
(ii) हलंत
(iii) हरिनद
(iv) नाँद
उत्तर- (ii) हलंत
60. 'कुण्डली' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) कुँडली
(ii) कुंडली
(iii) कुडंली
(iv) कुंडंली
उत्तर- (ii) कुंडली
61. निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) स्वंयं
(ii) स्वयम
(iii) स्वँय
(iv) स्वयं
उत्तर- (iv) स्वयं
62. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) क्यो
(ii) नींद
(iii) नही
(iv) नीद
उत्तर- (ii) नींद
63.'सङ्गति' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) संगति
(ii) सँगति
(iii) सगंति
(iv) संग्ङति
उत्तर- (i) संगति
64. निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) दात
(ii) कंठ
(iii) कांन
(iv) आख
उत्तर- (ii) कंठ
65. 'दण्डित' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) दण्डिन्त
(ii) दडिंत
(iii) दंडिंत
(iv) दंडित
उत्तर- (iv) दंडित
66. निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) खंड
(ii) दड
(iii) खाड
(iv) दाढ़
उत्तर- (i) खंड
67. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) सगंम
(ii) व्यजन
(iii) तुग
(iv) संगमरमर
उत्तर- (iv) संगमरमर
68. 'अलङ्कार' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) अलकार
(ii) अंलकार
(iii) अलंकार
(iv) अंलंकार
उत्तर- (iii) अलंकार
69. निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) कगना
(ii) बिदु
(iii) वीरांगना
(iv) रग
उत्तर- (iii) वीरांगना
70. 'मण्डली' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) मंडली
(ii) मडंली
(iii) मँडली
(iv) मण्डंलि
उत्तर- (i) मंडली
71. निम्नलिखित शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) सदेश
(ii) सजंय
(iii) संपूर्ण
(iv) चपक
उत्तर- (iii) संपूर्ण
72. निम्नलिखित शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) भ्रांति
(ii) क्राति
(iii) भ्राँति
(iv) क्राँति 
उत्तर- (i) भ्रांति
73.  'सन्तुलन' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) सतुंलन
(ii) संतुलन
(iii) संतुंलन
(iv) सतुलाँन
उत्तर- (iii) संकलित
74. निम्नलिखित शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) परतु
(ii) सतुंलन
(iii) संकलित
(iv) कितु
उत्तर- (iii) संकलित
75. 'दन्त' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) दंत
(ii) दन्तं
(iii) दँत
(iv) दतं
उत्तर- (i) दंत
76. निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) कंधा
(ii) कघा
(iii) सग
(iv) दात  
उत्तर- (i) कंधा
77. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) अलकार
(ii) अंधकार
(iii) अधंकार
(iv) अँधकार
उत्तर- (ii) अंधकार
78. 'मन्दाकिनि' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) मन्दाकिन्नी
(ii) मंदनकिनी
(iii) मंदाकिनी
(iv) मदाकिनी
उत्तर- (iii) मंदाकिनी
79. निम्न शब्दों में से अनुस्वार के उचित प्रयोग वाले शब्द छाँट कर लिखिए -
(i) कुआ
(ii) यहा
(iii) अलकनंदा
(iv) भाषाए
उत्तर- (iii) अलकनंदा
80. 'सन्स्कार' में उचित स्थान पर अनुस्वार लगाकर मानक रूप लिखिए -
(i) संस्कार
(ii) सँस्कार
(iii) संसकार
(iv) सस्कार
उत्तर- (i) संस्कार
81. निम्न शब्दों में से उचित स्थान पर अनुस्वार का प्रयोग कीजिए -
(i) कितु
(ii) परतु
(iii) तंबू
(iv) सक्षिंप्त 
उत्तर- (iii) तंबू
82. निम्न शब्दों में से उस शब्द को चुनिए, जिसमें अनुस्वार का प्रयोग होता है -
(i) नालँदा
(ii) मनोरंजन
(iii) अतर
(iv) संक्षिप्त 
उत्तर- (iv) संक्षिप्त 



Thursday, 26 May 2022

राष्ट्रपति भवन में प्रवेश Question Answers

रामस्वामी वेंकटरमन
लेखक परिचय :
रामस्वामी वेंकटरमन का जन्म 4 दिसंबर , 1910 को तमिलनाडु के राजमदम गाँव में हुआ 'भारत छोड़ो आंदोलन, में शामिल होने के कारण इन्हें जेल जाना पड़ा। 1950 में अंतरिम संसद के सांसद बने। 1957 से 1967 तक मद्रास राज्य में मंत्री रहे। 
केंद्रीय वित्तमंत्री और रक्षामंत्री रहे । भारत के उपराष्ट्रपति तथा राष्ट्रपति पद को सुशोभित किया। लेखन कला का भी शौक था। 'जब मैं राष्ट्रपति था ' इनकी चर्चित कृति है । 
शब्दार्थ:
भव्यतम-सबसे सुंदर 
श्रद्धांजलि -श्रद्धा प्रकट करना 
चुनिंदा - चुने हुए 
समारोही-समारोह से संबंधित 
अधिसूचना- सरकार द्वारा जारी सूचना 
निर्वतमान-पद से हट जाने वाला 
विधिवत- विधि के अनुसार 
तुमुलनाद- शोरगुल की आवाज़ 
सामान्य -साधारण 
संरचना - बनावट

https://youtu.be/5oYiO03G8DM



1. नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) वेंकटरमन कब राष्ट्रपति बने ? 
उत्तर- 25 जुलाई, 1987 को वेंकटरमन राष्ट्रपति बने। 
(ख) राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पूर्व उन्होंने पहला कार्य क्या किया ? 
उत्तर- राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पूर्व उन्होंने पहला कार्य राजघाट पर जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने का किया। 
(ग) शपथ ग्रहण समारोह के लिए कौन-सा समय चुना गया था ? 
उत्तर- शपथ-ग्रहण समारोह के लिए दोपहर सवा बारह बजे का समय तय हुआ था। 
(घ) समारोह कहाँ पर हुआ ? 
उत्तर- समारोह संसद के सेंट्रल हॉल में हुआ। 
(ङ) गोलाकार हॉल में मंच के सामने किनकी तस्वीरें लगी थी ?
उत्तर- गोलाकार हॉल में मंच के सामने महात्मा गांधी और दूसरे राष्ट्रीय नेताओं की तस्वीरें लगीं हुई थीं। 
2. लिखित 
(क) रामस्वामी वेंकटरमन से पूर्व भारत के राष्ट्रपति कौन थे ? उन्होंने कितने समय तक यह पद संभाला ?
उत्तर- रामस्वामी वेंकटरमण से पूर्व भारत के राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह थे। उन्होंने 25 जुलाई, 1982 से 25 जुलाई, 1987 तक राष्ट्रपति पद को संभाला। 
(ख) घुड़सवार फौज का वर्णन कीजिए। 
उत्तर- घुड़सवार फौज के जवान लाल और सफ़ेद पताकाओं के साथ थे। उनके भाले और तलवार तेज धूप में चमक रहे थे। उनके बेहतरीन अरबी घोड़ों का रंग एक-सा था और वह अपने सवारों से कम विशिष्ट नहीं थे। वे सब 15 हाथ से ज्यादा ऊँचे थे। 
(ग) राष्ट्रपति के अंगरक्षकों के विषय में इस संस्करण में क्या लिखा गया है ?
उत्तर- राष्ट्रपति के अंगरक्षक गर्मियों की समारोही पोशाक में थे। उन्होंने नीला और सुनहरा साफ़ा, सफेद लंबा कोट जिसमें सुनहरी पेटी बँधी हुई थी, सफ़ेद दस्ताने और चमकदार एड़ियों वाले काले नेपोलियन बूट पहने हुए थे। वे सभी अफसर छह फीट और उससे ज्यादा लंबे थे। वे राष्ट्रपति के दोनों ओर से कदम-से-कदम मिलाकर चल रहे थे। 
(घ) रामस्वामी वेंकटरमण के शपथ ग्रहण समारोह का वर्णन स्वयं अपने शब्दों में कीजिए। 
उत्तर- शपथ समारोह वाले दिन नवनिर्वाचित राष्ट्रपति स्वामी वेंकटरमन तथा ज्ञानी जैल सिंह छह दरवाजे वाली चमकती कार में सवार होकर संसद भवन पहुँचे। संसद हॉल में प्रधानमंत्री, उनका मंत्रिमंडल, राज्यपाल, राजनयिक वर्ग, राजनीतिक दलों के नेता और सांसद बैठे हुए थे। साथ ही रामास्वामी वेंकटरमण के बाईं ओर वेंकटरमन का परिवार तथा ज्ञानी जैलसिंह का परिवार भी वहाँ बैठा हुआ था। मंच पर स्वामी वेंकटरमन व ज्ञानी जैल सिंह के साथ भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश आर.एस. पाठक, लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के उपाध्यक्ष भी मौजूद थे। राष्ट्रगान बजाया गया। फिर गृह सचिव आगे आए और निर्वतमान राष्ट्रपति से कार्यवाही शुरू करने की आज्ञा माँगी। इसके बाद उन्होंने चुनाव आयोग की अधिसूचना पढ़ी, जिसमें घोषित किया गया था कि रामस्वामी वेंकटरमण भारत के विविध चुने गए राष्ट्रपति हैं। ठीक सवा बारह बजे, मुख्य न्यायाधीश ने शपथ पत्र का मूल पाठ पढ़ा। जब शपथ दिलाई जा रही थी तब ज्ञानी जैलसिंह रामस्वामी वेंकटरमण के कुर्सी पर आकर बैठ गए और शपथ लेने के बाद रामस्वामी वेंकटरमण उनकी कुर्सी पर बैठ गए। वहाँ मौजूद भारी जनसमूह की तालियों का तुमुल-नाद कई मिनटों तक सुनाई देता रहा।  

Wednesday, 25 May 2022

Tuesday, 24 May 2022

सरप्राइज -लघु कथा


मोहन बाबू ने कमरे में घुसते ही कहा....सरप्राइज..सरप्राइज क्या सरप्राइज है पापा ?? सुमित उत्सुकता से बोला। 
सुमित और तान्या ! ये लो बगल वाली सोसायटी में 2BHK फ्लैट तुम्हारे लिये,
क्या ....?
ये आप क्या कह रहे हैं पापा.....?
हमारे लिए अलग से फ्लैट...?
हम यहाँ खुश है पापा। क्यों तान्या .....?
हाँ, पापा... सुमित सही कह रहा है, मुझे यहाँ कोई दिक्कत नहीं है, तान्या बोली। 
इससे पहले मोहनबाबू कुछ बोलें सुमित बीच में बोल पड़ा और पापा ! हर माँ- बाप चाहते हैं, कि उनकी औलाद उनके पास रहे तो आपकी ये अलग फ्लैट वाली बात और इतने पैसे कहाँ से आए आपके पास ?
बेटा बात ऐसी है, तुम्हारी शादी के लिए.. बहुत कुछ जोड़कर रखा था, तुम हमारे इकलौते बेटे जो ठहरे । बड़े अरमान थे।  ये करूँगा, वो करूँगा .... सब धरे के धरे रह गए, क्योंकि तुमने लव मैरिज जो कर ली, तो शादी के तामझाम में होनेवाला मेरा खर्चा बच गया, तो उसी से तुम दोनों के लिए एक फ्लैट ले लिया। तुम दोनों कमाते हो, दोनों सुबह ऑफिस निकल जाते हो, EMI है कुछ सालों की, भर दिया करना, और कल को बच्चे होंगे, तो उनके भविष्य के लिए.. अपना मकान होना बड़ी बात होगी..। लो संभालो पेपर्स कहकर मोहनबाबू ने पेपर्स सुमित और तान्या को दे दिए... आखिर दोनों ने पहले तो न नुकुर की, मगर जब.. मोहनबाबू जिद पर अड़े रहे, तो अलग फ्लैट में रहने के लिए राजी हो गए, अपना समान लिए बगल वाली सोसायटी में शिफ्ट हो गए। 
उसी रात सुधा ने मोहनबाबू से पूछा .....एक बात पूछूं ....?? हाँ,  पूछो न सुधा .....ये अलग फ्लैट दिलाने की....मेरा मतलब..आपको तो.. सुमित की पसंद भी स्वीकार थी, फिर तान्या को अपने से दूर करने की बात.... मुझे कुछ अटपटी सी लग रही है...सुधा ....अटपटी सी बात जरूर है मगर.. बात बड़ी गहरी है ,जानती हो सुधा ....बचपन से तुमने.. सुमित की हर तमन्नाओं को.. गैर जरूरी इच्छाओं को.. हर बार पूरा किया मेरे मना करने के बावजूद ..... इससे वह थोड़ा अडियल जिद्दी सा हो गया था,अपनी मनमर्जी करना, यहां तक की.. उसने हमारे बिना पूछे.. हमारे बिना देखे.. एक अलग ही समाज की लडकी से.. गुपचुप शादी तक कर ली.....बच्चे बड़े होकर अपने जिंदगी के फैसले खुद लेते हैं, ठीक है मगर.. क्या हम दोनों.. उसके दुश्मन थे ? जो हमें बताना भी मुनासिब नहीं समझा...खैर.. मैं उसका यहां भी बचपना समझकर चुप कर गया, बहु को स्वीकार किया, बेटी की तरह मान दिया।मगर उसने...यहां आकर हमें अपनाया... नहीं ! ब्लकि वो तुम्हें और मुझे.. एक सर्वेंट समझने लगी थी.....स्वयं से कभी चाय नही बनाकर पिलाई.....आँफिस जाते समय ....मम्मी आज राजमा चावल....आलू गोभी ....कभी ये कभी वो....और वो नालायक सुमित .... उसे भी शायद हम दोनों नौकर ही लगने लगे थे ....मुझे तो आदत है बाहर से समान वगैरह लेकर आने की मगर तुम्हें ....अब हम बूढ़े हो रहे है सुधा और बुढापे मे हर माँ-बाप अपने बेटे बहुओं से उम्मीद करते हैं वो उनके लिए जिए उनके साथ जिए यहां तो तुम्हारे साथ जरा-सा नमक तेज होने पर बदतमीजी होने लगी थी ....उस दिन टी.वी देखते हुए अचानक तान्या ने टी.वी बंद कर दिया था बिजली बिल बढ़ जाएगा कहकर ...अरे अपने घर में अपने टी.वी पर मनपसंद प्रोग्राम नहीं देख सकते क्या हम ?....मुझे तुम्हारे लिए बहुत बुरा लगा था। .....मैंने उसे समझाया तो बोली.... घरखर्च हम चलाते हैं बजट बनाकर चलना होगा.....तुम और मैं ....हमारे लिए तो हमारी पेंशन ही काफी है और साथ वाला कमरा किराए पर दे देने से हमें एक्सट्रा इनकम भी हो जाएगी जिस पर वह दोनों रहकर अपना हक जमा रहे हैं। .....देखो ....अब ऐसे तो वो यहाँ से जाते नहीं तो मैंने ये फ्लैट वाली स्कीम खेली ....दोनों लालच में चले गए अब भरेंगे हर महीने ई.एम.आई ....वहाँ का बिजली बिल मेंटेनेंस वगैरह ....स्वयं बनाकर खाऐंगे या होटलों से मंगवा कर तब पता चलेगा माँ बाप क्या होते हैं उनके होने ना होने का फर्क..... मगर .....ये सब करना जरुरी था क्या??.....सुधा .....जब मरीज डायबिटीज का हो तो उसे करेले का जूस देकर ठीक किया जाता है, मीठी-मीठी जलेबी नहीं देते .....और वैसे भी कहीं दूर नही भेजा उन्हें पास की सोसायटी में रहेंगे तो हम उनके आसपास ही तो रहेंगे कल यदि वह अपनी गलतियों से सीखकर हमारे साथ रहना चाहेंगे तो कुछ शर्तों के साथ उन्हें साथ मे भी रखेंगे .....और यदि वह अपने स्वभाव में बदलाव नहीं करते तो ...सुधाजी ने प्रश्न दागते हुए कहा तो.....हम दोनों तो है न ....पहले भी थे आज भी है ....साथ खाऐंगे .....रहेंगे ....मगर स्वाभिमान के साथ ...इस बार सुधा जी भी.. मोहन बाबू के साथ साथ मुस्कुरा उठी।

    
       

Friday, 13 May 2022

सूचना लेखन : प्रारूप व उदाहरण


सूचना-लेखन का अर्थ है- किसी संस्था या सरकार द्वारा अपने सदस्यों या जनता से लिखित रूप में सीधे संवाद स्थापित करना। ताकि कम-से-कम समय में लोगों तक नए आदेश या निर्देश पहुँच जाए। आपने भी अपने विद्यालय में विशेष कार्यक्रम या अवकाश की जानकारी सूचना-लेखन द्वारा प्राप्त की होगी। सूचना-लेखन के माध्यम से सूचना किसी एक व्यक्ति को न देकर अपितु बहुत से लोगों को दे दी जाती है। ऐसी सूचनाएँ एक विशेष स्थान पर लिखी जाती है, जहाँ से सभी लोग पढ़ सके। विद्यालयों में भी सूचना हेतु एक विशेष स्थान होता है। रिहायशी इलाकों में सूचनापट्ट प्राय: मुख्य प्रवेश द्वार के पास ही होता है। सूचनाओं में समाचार-पत्र को भी शामिल किया जाता है। 

सूचना-लेखन से संबंधित कुछ महत्त्वपूर्ण बातें -
1. सूचना सदैव औपचारिक शैली में लिखी जाती है। 
2. सूचना संक्षिप्त, सरल, सटीक होनी चाहिए। 
3. सूचना का प्रारूप औपचारिक-पत्र की तरह होता है, परंतु इसका आकार अपेक्षाकृत कम होता है। 
4. पाठ्यक्रम में सूचना-लेखन की शब्द-सीमा 30-40 शब्द तक रखी गई है ; अतः उसका विशेष ध्यान रखना चाहिए। 
5. अनावश्यक तथ्यों का सूचना में कोई स्थान नहीं होता। 
6. सूचना में विषय से संबंधित संपूर्ण विवरणः यथा- दिनांक, समय, स्थान, उद्देश्य, अवधि, पात्रता आदि का यथोचित उल्लेख होना चाहिए। 
7. सटीक अर्थ प्रेषित करने हेतु कार्यालयीय, प्रशासनिक व पारिभाषिक शब्दावली का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। 
8. सूचना सदैव अन्य पुरुष में लिखी जानी चाहिए। 
9. सूचना बिना किसी संबोधन अथवा अभिवादन के लिखी जाती है। 
10. सूचना केवल एक अनुच्छेद में लिखी जानी चाहिए। 
11. कार्यालयीय अथवा संस्थागत सूचना-लेखन संस्था के मुख्य अधिकारी के आधिकारिक-पत्र पर किया जाता है।
सूचना-लेखन के लिए ध्यान देने योग्य बातें -
1. सूचना जारी करने वाली संस्था/संगठन का नाम सबसे ऊपर मध्य में। 
2. इसके ठीक नीचे 'सूचना' शब्द का प्रयोग। 
3. यदि किसी विशिष्ट वर्ग/व्यक्ति के लिए सूचना है, तो दायीं ओर कोष्ठक में उसका संकेत। 
4. सूचना शब्द के नीचे अथवा सूचना शब्द के साथ सूचना के विषय/शीर्षक का उल्लेख। 
5. सूचना शब्द के ऊपर तथा संस्था/संगठन के नाम के नीचे बायीं ओर सूचना जारी होने वाली तिथि का उल्लेख। 
6. सूचना का कथ्य : संक्षेप में जो भी सूचित करना हो। 
7. कथ्य के अंतर्गत कार्य पूरा किए जाने की अंतिम तिथि का उल्लेख। 
8. अंत में नीचे बायीं ओर सूचना लेखक का नाम, पद एवं हस्ताक्षर। 
9. भाषा औपचारिक होते हुए भी सरल एवं सुबोध हो, जिससे कि आम आदमी समझ सके। 

सूचना-लेखन का प्रारूप :

                                                          संस्था का नाम 

दिनांक : 16 फरवरी,2022 


                                                 आवश्यक सूचना 

                                                         विषय  

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नाम (क. ख. ग)

पद का नाम 



सूचना-लेखन के उदाहरण
1.विद्यालय में छुट्टी के उपरांत फुटबॉल खेलना सीखने की विशेष कक्षाएँ आयोजित की जाएँगी । इच्छुक विद्यार्थियों द्वारा अपना नाम देने हेतु सूचना-पट्ट के लिए लगभग 30-40 शब्दों में एक सूचना तैयार कीजिए। 

                                                  अ० ब० स० विद्यालय, दिल्ली 

दिनांक:10अगस्त, 20XX                                                              

                                                         सूचना                                     

                                               विषय - फुटबॉल प्रशिक्षण 


सभी विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि 16 अगस्त , 20XX से विद्यालय में छुट्टी के पश्चात् फुटबॉल खेलना सीखने की विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है । इच्छुक विद्यार्थी खेल शिक्षक को अपना नामांकन करा दें। 


हस्ताक्षर (क ख ग)

प्रधानाचार्य


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