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रहीम के दोहे

रहीम के दोहे  अति लघु उत्तरीय प्रश्न 1. कवि रहीम के अनुसार प्रेम के धागे को किस प्रकार नहीं टूटने देना चाहिए? उत्तर-  कवि रहीम के अनुसार प्...

Monday, 24 January 2022

सर्वनाम : परिभाषा, भेद और अभ्यास प्रश्न

सर्वनाम 
नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़कर समझिए-
1.रवि परिश्रमी व्यक्ति है। वह डाकिया है। 
2. दीया और श्वेता बहनें हैं। वे गीत गा रही हैं। 
3. डाकिया - रमेश जी घर पर हैं। 
    लड़का - मैं ही रमेश हूँ।
 
 निम्नलिखित प्रयोगों पर ध्यान दीजिए -
1. रवि के स्थान पर वह का प्रयोग हुआ है। 
2. दीया और श्वेता के स्थान पर वे का प्रयोग हुआ है। 
3. रमेश द्वारा स्वयं के लिए मैं का प्रयोग हुआ है। 
यहाँ संज्ञाओं के स्थान पर अन्य शब्दों (वह, वे, मैं) का प्रयोग किया गया है। ये सर्वनाम शब्द हैं। 

नीचे लिखी चिट्ठी को ध्यान से पढ़िए -
दोस्तों! मेरा नाम सुप्रिया है। मैं आप सभी दोस्तों को एक सलाह देना चाहती हूँ। गर्मियों का मौसम है, मैं और मेरी दीदी मिलकर पक्षियों को दाना पानी देते हैं। हमें बहुत मज़ा आता है। अब पक्षी हमारे बहुत करीबी हो गए हैं और हमसे डरते भी नहीं हैं। आप भी पक्षियों को अपना दोस्त बना सकते हैं। ऐसा करने से आपको बहुत अच्छा लगेगा। 

उपर्युक्त वाक्यों में रेखांकित शब्द संज्ञाओं के स्थान पर आए हैं। ये सभी शब्द सर्वनाम हैं। इनके प्रयोग से भाषा प्रभावशाली बन जाती है। 

परिभाषा- संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाने वाले शब्द 'सर्वनाम' कहलाते हैं।
 
* सर्वनाम के भेद 
सर्वनाम के छह भेद हैं :
1. पुरुषवाचक 
2. निश्चयवाचक 
3. अनिश्चयवाचक 
4. प्रश्नवाचक 
5. संबंधवाचक 
6. निजवाचक 

1. पुरुषवाचक सर्वनाम- बोलने वाले(वक्ता), सुनने वाले (श्रोता) या जिसके बारे में कुछ कहा जाए अथवा उसके लिए प्रयोग किए जाने वाले सर्वनाम को 'पुरुषवाचक सर्वनाम' कहते हैं। 
(i) माँ पिताजी से बोली, "मैं ऑफिस जा रही हूँ। मैंने सबके लिए खीर बनाई है। आप बच्चों को खिला देना। जो खीर नहीं खाना चाहता, उसे रसगुल्ला दे देना।"
उपर्युक्त वाक्य में माँ वक्ता है और उन्होंने अपने लिए मैं एवं मैंने का प्रयोग किया है, आप श्रोता यानि पिताजी के लिए और उसे अन्य व्यक्ति के लिए प्रयोग किया है।
(ii) शिक्षक ने कहा- "मैं आज तुम्हें 'सर्वनाम' के बारे में पढ़ाऊँगा। तुम सब पुस्तकें निकालो। वे बच्चे बाहर घूमने जा रहे हैं, उन्हें भी बुला लाओ।" 
इन वाक्यों में 'मैं' कहने वाले या बोलने वाले के लिए दूसरे वाक्य में 'तुम' सुनने वाले के लिए और तीसरे वाक्य में 'वे' तथा 'उन्हें' अन्य व्यक्ति के लिए प्रयोग किए गए हैं। ये सभी 'पुरुषवाचक सर्वनाम' हैं। 

पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद होते हैं :
* उत्तम पुरुष               * मध्यम पुरुष           * अन्य पुरुष 
i. उत्तम पुरुष - जिस सर्वनाम का प्रयोग बोलने वाला (वक्ता) अपने लिए करता है, उसे उत्तम पुरुष सर्वनाम कहते हैं। 
जैसे : 
i. मैंने दवा ले ली है। 
ii. मैं बड़ी होकर टेनिस की खिलाड़ी बनना चाहती हूँ। 
iii. मुझे घर जल्दी पहुँचना चाहिए। 
iv. हमें समय का ध्यान रखना चाहिए।
पहचान : मैं, मैंने, मुझे, हम, हमारा, हमको, हमें। 'म' और 'ह' परिवार। 

ii. मध्यम पुरुष- जिस सर्वनाम शब्द का प्रयोग बोलने वाला (वक्ता) सुनने वाले (श्रोता) के लिए करता है, उसे 'मध्यम पुरुष' कहते हैं। 
जैसे :
i. तुम कहाँ जा रहे हो ?
ii. तुम्हें तो कल आना था। 
iii. तू सुबह जल्दी आ जाना। 
iv. तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है, तुम आराम करो। 
v. आप कब आए ?
पहचान: तू, तुम, तुम्हें, आप, तुम्हारी, आपकी। 'त' और 'अ' परिवार। 

iii. अन्य पुरुष - जिस सर्वनाम शब्द का प्रयोग वक्ता यानि बोलने वाला किसी तीसरे या अन्य पुरुष के लिए करे, उसे 'अन्य पुरुष सर्वनाम' कहते हैं। 
जैसे:
i. वह थका हुआ है। 
ii. उसे भूख लगी है। 
iii. वे गीत गा रहे हैं। 
iv. उन्हें बुलाओ। 
पहचान: वह, उसे, वे, उन्हें। 

2. निश्चयवाचक सर्वनाम - जिन सर्वनाम शब्दों से किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु की ओर निश्चयपूर्वक संकेत किया जाता है, उन्हें 'निश्चयवाचक सर्वनाम' कहा जाता है। इन्हें संकेतवाचक सर्वनाम भी कहा जाता है। 
जैसे:
i. वह मेरा घर है। 
ii. यह सोनू की पाठशाला है। 
iii. ये मेरे दादाजी हैं। 
iv. यह मेरी साइकिल है। 
v. वे उसकी पुस्तकें हैं। 
पहचान: यह, वह, ये, वे आदि। 

3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम - जिन सर्वनाम शब्दों के द्वारा किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध न हो, उन्हें 'अनिश्चयवाचक सर्वनाम' कहा जाता है। 
जैसे: 
i. उसकी आँख में कुछ गिर गया है। 
ii. इस प्रश्न का उत्तर कोई भी दे सकता है। 
iii. इस बात से किसी को भी आपत्ति नहीं है। 
iv. पेड़ के नीचे कोई खड़ा है। 
पहचान: कुछ, कोई, किसी, किन्हीं आदि। 
 
4. संबंधवाचक सर्वनाम - जिन सर्वनाम शब्दों से वाक्य में एक सर्वनाम शब्द का दूसरे सर्वनाम शब्द से संबंध पता चलता है, उसे 'संबंधवाचक सर्वनाम' कहते हैं। 
जैसे:
i. जो जल्दी पहुँचेगा, वही जीतेगा। 
ii. जैसा काम करोगे, वैसा फल मिलेगा। 
iii. जिसने की शर्म, उसके फूटे करम।
iv. जिसकी लाठी, उसकी भैंस।  
v. जो परिश्रम करेगा, सो फल पाएगा।  
पहचान: जो-सो, जो-वह, जैसा-वैसा, जिसने-उसने, जिन्होंने-उन्होंने आदि। 

5. प्रश्नवाचक सर्वनाम- जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग प्रश्न पूछने या कुछ जानने के लिए किया जाता है , वे 'प्रश्नवाचक सर्वनाम' कहलाते हैं। 
जैसे:
i. तुम्हें क्या चाहिए ?
ii. दरवाज़े पर कौन है ?
iii. बाहर किसे जाना है ?
iv. यह किसकी पुस्तक है ?
पहचान: क्या, कौन, किसे, किसने, किसकी, किससे आदि। प्रश्न पूछने के साथ प्रश्नवाचक चिह्न का प्रयोग किया जाता है। 

6. निजवाचक सर्वनाम- जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग वक्ता अपने लिए करता है यानि जिन शब्दों से अपनेपन का या निजता का बोध हो, वे 'निजवाचक सर्वनाम' कहलाते हैं। 
जैसे:
i. मैं स्वयं कार्य करूँगा। 
ii. तुम आप ही आ जाना। 
iii. वह अपने-आप सारा गृहकार्य करता है। 
iv. उसने खुद अपना रास्ता चुना। 
पहचान: स्वयं, आप, अपने-आप, खुद, आप ही आप आदि। 

विशेष :
* आप यहाँ बैठिए। (मध्यम पुरुष - आदरसूचक)
* आप रोहन के दादाजी हैं। (अन्य पुरुष- आदरसूचक)
* वह यह काम आप ही करना चाहता है। (निजवाचक सर्वनाम)

अभ्यास -
निम्नलिखित वाक्यों में संज्ञा शब्दों के स्थान पर, उचित सर्वनाम शब्दों का प्रयोग करें -
क)  सारे गाँव में बदलू लेखक को सबसे अच्छा आदमी लगता था क्योंकि बदलू लेखक को सुंदर-सुंदर लाख की गोलियाँ बनाकर देता था। 
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ख ) मेरा अधिकतर समय सीमा के साथ बीतता था। सीमा बहुत अच्छी लड़की थी परंतु सीमा बहुत ही गरीब थी। सीमा के दो भाई-बहन और भी थे। सीमा अपने भाई-बहन से बहुत प्यार करती थी। सीमा की माँ का देहांत दो साल पहले हो गया था। सीमा लोगों के घरों में काम करके अपने पिता का हाथ बटाती थी।
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Sunday, 9 January 2022

संदेश लेखन परिभाषा, तत्व, प्रारूप व उदाहरण

संदेश का अर्थ:
'संदेश' शब्द का अर्थ है- समाचार, सूचना, खबर, वृतांत आदि। वह कथन जो लिखित या मौखिक रूप से एक व्यक्ति के द्वारा दूसरे व्यक्ति को भेजा जाता है, 'संदेश' कहलाता है। किसी महापुरुष, कथा या कविता के प्रेरणादायी विचार को भी संदेश कहते हैं। 'संदेश' संचार की एक विधि है, जो प्राचीन काल से प्रचलित है। संदेश किसी व्यक्ति विशेष या किसी समूह द्वारा किसी अन्य व्यक्ति विशेष या समूह को दिए जा सकते हैं। 
संदेश-लेखन: 
संदेश लेखन से तात्पर्य यहाँ उन संदेशों को लिखने से हैं, जो उत्सवों, पर्वों, जन्मदिनआदि  शुभ-अवसरों पर मित्रों और संबंधियों को शुभकामनाएँ देने के लिए या किसी दुर्घटना के प्रति दुःख व्यक्त करने के लिए भेजे जाते हैं। पत्र-लेखन, सूचना- लेखन, डायरी-लेखन आदि की तरह संदेश-लेखन भी एक कला है। यह एक भावनात्मक लेखन है। इसके द्वारा संबंधों को मज़बूती, मधुरता, ऊर्जा और जीवंतता प्रदान की जाती है। 
संदेश लेखन के तत्व :
संदेश लेखन के निम्नलिखित आवश्यक तत्व हैं -
* शीर्षक- संदेश लिखते समय सर्वप्रथम 'शीर्षक' लिखा जाता है। शीर्षक संक्षिप्त और सरल होना चाहिए। 
* दिनांक- शीर्षक के पश्चात 'दिनांक' अवश्य लिखी जानी चाहिए। 
* समय- दिनांक के बाद उस 'समय' को लिखा जाना चाहिए जिस समय संदेश लिखा जा रहा है।
आवश्यक बिंदु ;
i. संदेश लेखन भावपूर्ण होना चाहिए। 
ii. संदेश बहुत बड़ा नहीं होना चाहिए। 
iii. संदेश पूर्ण तरह विषयानुकूल होना चाहिए। 
iv. शब्दों का चयन प्रभावशाली होना चाहिए। 
v. यह संचार माध्यम के अनुरूप होना चाहिए। 
vi. संदेश उद्देश्य को पूरा करने वाला होना चाहिए। 
vii. संदेश की भाषा सरल और बोधगम्य होनी चाहिए। 
 याद रखने योग्य बिंदु :
i. सबसे पहले संदेश को किसी सीमा रेखा जैसे बॉक्स या गोले के अंदर लिखें। 
ii. संदेश की शुरुआत में संदेश शब्द अवश्य लिखें। 
iii. उसके बाद दिनांक समय अवश्य लिखें। 
iv. फिर मुख्य विषय का कम लेकिन प्रभावशाली शब्दों में वर्णन करें। 
v. अंत में संदेश लिखने वाले का नाम अवश्य लिखें। 
vi. संदेश लेखन की शब्द-सीमा 30 से 40 शब्दों के बीच में रखें। 
vii. अगर चित्रों का उपयोग करना उचित लगे, तो विषयानुसार उपयोग करें। 
viii. अगर शायरी, दोहे, श्लोक या कविता की आवश्यकता हो तो प्रयोग अवश्य करें। 
ix. संदेश में रचनात्मकता और सृजनात्मकता का समावेश भी अवश्य करें। 
x. व्याकरणिक एवं वर्तनी संबंधी अशुद्धियों से बचें। 
xi. जिस व्यक्ति को संदेश देना है, प्रारंभ में उसका नाम तथा अंत में संदेश लेखक का नाम अवश्य दें। 
xii. संदेश को सरल शब्दों में प्रभावशाली ढंग से तथा विषय के अनुसार ही लिखें। 

संदेश लेखन के प्रकार:
संदेश औपचारिक और अनौपचारिक दोनों तरह के हो सकते हैं। जहाँ औपचारिक संदेश किसी ऑफिस या नेता-अभिनेता के द्वारा सार्वजनिक रूप से लिखे जाते हैं, वहीं अनौपचारिक संदेश अपने सगे-संबंधियों को लिखे जाते हैं.
संदेश की श्रेणियों निम्नलिखित हैं -
* शुभकामना संदेश 
* त्योहार संदेश 
* शोक संदेश 
* व्यक्तिगत संदेश 
* सामाजिक संदेश 
* मिश्रित संदेश


                            संदेश-लेखन का प्रारूप 

                                                 संदेश

दिनांक: ------------                                                              समय :-----------

संबोधन :--------------

विषय (जिस वस्तु हेतु संदेश दे रहे हैं ):------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

अपना नाम

------------

 1. औपचारिक संदेश 

औपचारिक संदेश किसी अधिकारी या किसी ऑफिस के किसी कर्मचारी या आमजनता के लिए सार्वजनिक रूप से लिखे जा सकते है। अगर संदेश किसी नेताया अभिनेता द्वारा दिया जाता है, तो यह आम लोगों को प्रभावित करने के उद्देश्य से लिखा जाता है। यह सार्वजनिक संदेश है। 

उदाहरण 

1. स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों के नाम शुभकामना संदेश लिखिए। 

                                                शुभकामना  संदेश

दिनांक: 15 अगस्त, 20XX                                                              समय : प्रातः  8:00 बजे  

सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। आओ, प्रण लें कि  स्वतंत्रता दिवस पर हम सभी देशवासी भारत को उन्नत और समृद्धिशाली बनाएँगे  और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह करेंगे।

शुभकामनाओं सहित

अ ब स

अ जनता पार्टी

2. मनीष की ओर से एक शोक संदेश लिखिए जिसमें उसके दादाजी के देहांत और ब्रह्म भोज की जानकारी दी गई हो।  

                                                शोक  संदेश

दिनांक: 14 जून, 20XX                                                              समय : प्रातः  9:00 बजे  

मान्यवर,

अत्यंत दुःख के साथ आप सबको सूचित कर रहा हूँ कि मेरे पूज्य दादाजी का देवलोकगमन 1 जून को हो गया था। उनकी आत्मा की शांति के लिए को हवन और भोज का आयोजन हमारे निवास स्थान पर किया जाएगा। आपसे निवेदन है कि आप इसमें सम्मिलित होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें।

शोक संतप्त

मनीष और समस्त परिवारजन

अनौपचारिक संदेश 

अनौपचारिक संदेश या व्यक्तिगत संदेश किसी अपने करीबी को कोई संदेश/सूचना देने के लिए लिखा जाता है। अनौपचारिक संदेश अपने परिजनों, मित्रगणों, रिश्तेदारों या घर के सदस्यों को लिखे जाते हैं। 

उदाहरण:

1. आप मोहित हैं। आपकी मम्मी के स्कूल से फ़ोन आया और आपकी बात श्रीमती माला से हुई। आपको अत्यंत ज़रूरी काम से बाहर जाना है, इसलिए आप संदेश द्वारा मम्मी को आए फ़ोन के बारे में बताते हैं। 

                                                     संदेश

20 मई, 2022                                                                                सांय 5 बजे

 मम्मी

आपके स्कूल से श्रीमती माला का फ़ोन आया था कि आपको दो दिन बाद स्कूल में होने वाली सभा में उपस्थित होना है। सभा का निश्चित समय आपको सूचित कर दिया जाएगा। मैं अभी सामान लेने बाज़ार जा रहा हूँ।

 मोहित

 2. दीपावली के पावन पर्व पर अपने मित्र के लिए बधाई संदेश लिखिए। 

                                                      बधाई संदेश

दिनांक: 5अक्टूबर, 20XX                                                              समय : प्रातः  8:00 बजे  

                        

                         "दीपावली की रात आई, खुशियों की सौगात लाई।

                     आज गगन ने भी रंग बिखेरा, जैसे सितारों की बारात आई।“

प्रिय मित्र,

दीपावली के पावन पर्व पर तुम्हें व सभी परिवारजनों की हार्दिक बधाई। दीपों का प्रकाश तुम्हारा मार्ग पग-पग पर आलोकित करे और माँ लक्ष्मी तुम पर सदा अपनी कृपा बनाए रखें।

 अ ब स

Thursday, 6 January 2022

Class 10 MCQ Based On Parvt Pradesh Me Pavas/पर्वत प्रदेश में पावस कविता पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न-उत्तर

काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न-उत्तर:
1. पावस ऋतु थी, पर्वत प्रदेश ------------------दर्पण-सा फैला है विशाल !
क. यहाँ किस ऋतु का वर्णन किया गया है ? 
i. ग्रीष्म 
ii. शीत
iii. वर्षा 
iv हेमंत 
उत्तर- iii. वर्षा

ख. पर्वत किसमें अपना प्रतिबिंब देख रहा है ? 
i. झरने में 
ii. दर्पण में 
iii. फूलों में 
iv. तालाब में
उत्तर- iv. तालाब में

ग. पर्वत किस आकार में खड़े हैं ? 
i. मोतियों के आकार में 
ii. करधनी के आकार में 
iii. सरताज के आकार में 
iv. दर्पण के आकार में । 
उत्तर- ii. करधनी के आकार में 

घ. पल-पल क्या परिवर्तित हो रहा है ?
i. प्राकृतिक दृश्य 
ii. वर्षा का होना 
iii. पर्वतों का स्वरूप 
iv. बादलों का आकार 
उत्तर- i. प्राकृतिक दृश्य 

ङ. पर्वत के चरणों में तालाब-
i. हरियाली के समान फैला हुआ है। 
ii. दर्पण के समान फैला हुआ है। 
iii. काँच के समान फैला हुआ है। 
iv. मोतियों के समान फैला हुआ है। 
उत्तर- ii. दर्पण के समान फैला हुआ है।

2. गिरि का गौरव गाकर--------------  कुछ चिंतापर । 
क. किसे 'गिरि का गौरव गाने वाले' कहा गया है ? 
i. पर्वत पर खिलनेवाले पुष्पों को 
ii. पर्वत की ऊँची-ऊँची चोटियों को 
iii. पर्वत पर खड़े वृक्षों को 
iv. पर्वत से झरनेवाले झरनों को
उत्तर- iv. पर्वत से झरनेवाले झरनों को

ख. झरने क्या कर रहे हैं ? 
i. बहुत ऊँचाई से गिर रहे हैं। 
ii. पर्वतों का यशगान कर रहे हैं। 
iii. मोती की लड़ियों बना रहे हैं। 
iv. दृश्य को सुंदर बना रहे हैं। 
उत्तर- ii. पर्वतों का यशगान कर रहे हैं। 

ग. झरने किसके समान लग रहे हैं ?  
i. उच्चाकांक्षाओं के समान 
ii. गौरव के समान 
iii. मोती की माला 
iv. फूलों की लड़ियों के समान
उत्तर-iii. मोती की माला 

घ. 'मद में नस-नस उत्तेजित कर' पंक्ति का आशय है -
i. इनका सौंदर्य तन-मन में उल्लास, उमंग और स्फूर्ति का संचार कर देता है। 
ii. इनका सौंदर्य मादक है। 
iii. इनका सौंदर्य उत्तेजित करने वाला है। 
iv. उपर्युक्त सभी 
उत्तर-iv. उपर्युक्त सभी 

ङ. वृक्ष आकाश की ओर कैसे देख रहे हैं ?  
i. एकटक, प्रसन्न, अटल रहकर 
ii. एकटक, अटल, चिंतित रहकर  
iii. प्रसन्न, अटल चिंतित रहकर 
iv. चिंतित, उत्साहित, एकटक रहकर 
उत्तर- ii. एकटक, अटल, चिंतित रहकर  

3. उड़ गया, अचानक लो, भूधर----------------------- था इंद्र खेलता इंद्रजाल। 
क. 'उड़ गया अचानक लो भूधर' पंक्ति का आशय है- 
i. बादलों से ढक जाने पर पर्वत अदृश्य हो गए हैं। 
ii. बादलों के पंख लगाकर पर्वत वहाँ से उड़ गए हैं। 
iii. पर्वतीय प्रदेशों में जब अचानक घने बादल आ जाते हैं, तो सारा दृश्य अदृश्य हो जाता है। 
iv. उपर्युक्त सभी 
उत्तर-iii. पर्वतीय प्रदेशों में जब अचानक घने बादल आ जाते हैं, तो सारा दृश्य अदृश्य हो जाता है। 

ख. 'रख शेष रह गए है निर्झर' पंक्ति का तात्पर्य है- 
i. झरने की आवाज़ सुनाई दे रही है। 
ii. झरने की आवाज़ के अलावा कुछ भी सुनाई नहीं पड़ रहा।  
iii. बादलों को छा जाने से झरने भी दिखाई नहीं दे रहे हैं। 
iv. इनमें से कोई नहीं। 
उत्तर- ii. झरने की आवाज़ के अलावा कुछ भी सुनाई नहीं पड़ रहा।  

ग. प्रकृति में कौन-कौन से परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं ? 
i. आकाश में बादलों के छा जाने से सारा दृश्य अदृश्य हो जाता है। 
ii. आकाश में बादलों के छा जाने से लगता है पहाड़ भी उड़कर कहीं और चले गए हैं। 
iii. बादलों का प्रतिबिंब तालाब में दिखाई दे रहा है। 
iv. आकाश को धरती पर टूट पड़ता हुआ समझकर शाल के वृक्ष धरती में धँस गए हैं। 
उत्तर- iv. आकाश को धरती पर टूट पड़ता हुआ समझकर शाल के वृक्ष धरती में धँस गए हैं। 

घ. कौन-से वृक्ष धरती में धँस गए ? 
i. आम के पेड़  
ii. नीम के पेड़ 
iii. शाल के पेड़ 
iv. इनमें से कोई नहीं
उत्तर-iii. शाल के पेड़ 

ङ. इंद्र देवता किसमें सवार होकर घूम रहे हैं ? 
i. जलद-यान में 
ii. उड़ते बादलों में 
iii. धुंध में 
iv. वर्षा की बूँदों में
उत्तर-i. जलद-यान में 

Wednesday, 5 January 2022

Class 10 MCQ Based on Kavita Utsah And At Nhi Rahi Hai / कविता -उत्साह और अट नहीं रही है पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्न-उत्तर

* निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उचित विकल्प चुनिए- 
1. उत्साह
बादल , गरजो । 
घेर घेर घोर गगन , धाराधर ओ ! 
ललित ललित , काले घुंघराले, 
बाल कल्पना के-से पाले, 
विद्युत- छबि उर में, कवि , नवजीवन वाले ! 
वज्र छिपा, नूतन कविता 
फिर भर दो 
बादल  गरजो ! 
          बादल गरजो!
          विकल विकल, उन्मन थे उन्मन 
          विश्व के निदाघ के सकल जन,
          आए अज्ञात दिशा से अनंत के घन। 
          तप्त धरा, जल से फिर 
          शीतल कर दो 
          बादल, गरजो

1. 'उत्साह' किस प्रकार की रचना है-
i. शृंगारिक गीत 
ii. लोकगीत 
iii. आह्वान गीत
iv. विरह गीत 
उत्तर-iii. आह्वान गीत

2. बादल को किसके समान बताया गया है ? 
i. काले घुँघराले बालों के समान 
ii. प्रेम के समान 
iii. बिजली के समान 
iv.  रुई के समान
उत्तर- i. काले घुँघराले बालों के समान

3. यह कविता किस युग की है ? 
i. भक्ति युग की 
ii. आधुनिक युग की 
iii. छायावादी युग की 
iv. प्रगतिशील युग की
उत्तर- iii. छायावादी युग की 

4. पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार का उदाहरण है ? 
i. ललित ललित, घेर घेर 
ii. बादल गरजो 
iii. काले घुँघराले  
iv. विद्युत छवि 
उत्तर- i. ललित ललित, घेर घेर
 
5. नूतन कविता कैसी होनी चाहिए ? 
i. प्रेम से युक्त 
ii. बादल की गर्जना से युक्त
iii. नवजीवन का संचार करने वाली 
iv. समस्या सुलझाने वाली 
उत्तर- iii. नवजीवन का संचार करने वाली 

6.. कवि बादलों को बरसने के स्थान पर गरजने के लिए क्यों कहता है ?
i. वह लोगों को डराना चाहता है। 
ii. वह लोगों में क्रांति और जोश की भावना भरना चाहता है। 
iii. वह लोगों की आवाज़ दबाना चाहता है।  
iv. वह वर्षा ऋतु के आने की सूचना देना चाहता है।
उत्तर-ii. वह लोगों में क्रांति और जोश की भावना भरना चाहता है। 

7.. कवि ने बादलों को क्या-क्या कहा है ?
i. ललित ललित, काले घुँघराले 
ii. बाल कल्पना के से वाले कवि, नवजीवन वाले 
iii. हिंदी 
iv. उपर्युक्त सभी 
उत्तर-iv. उपर्युक्त सभी 

8. कवि ने 'धाराधर' किसके लिए प्रयोग किया है?
i. वर्षा के लिए 
ii. वसंत के लिए 
iii. नदी के लिए 
iv. बादल के लिए 
उत्तर-iv. बादल के लिए 

9. उत्साह कविता में किसका मानवीकरण किया गया है?
i. हवा का 
ii. नदी का 
iii. बादल का
iv. पर्वत का  
उत्तर- iii. बादल का

10. विश्व के लोग विकल और उन्मन क्यों हैं ?
i. अधिक वर्षा से 
ii. अधिक गरमी से 
iii. बादलों की गर्जन से 
iv. अत्यधिक ठंड से 
उत्तर-ii. अधिक गरमी से 

11. अज्ञात दिशा से किसका आगमन हुआ ?
i. वसंत का 
ii. पर्वत का 
iii. वर्षा का 
iv. बादलों का
उत्तर-iv. बादलों का

12. बादलों को 'अनंत के घन' क्यों कहा गया है ?
i. बादल असंख्य होते हैं । 
ii. वे विभिन्न रूप-रंग के होते हैं ।
iii. बादलों का कोई ओर-छोर और निश्चित दिशा नहीं होती।
iv. बादल अनंत ईश्वर की उत्पत्ति हैं। 
उत्तर- iii. बादलों का कोई ओर-छोर और निश्चित दिशा नहीं होती।

13. बादलों से क्या प्रार्थना की गई है ?
i. घनघोर वर्षा करने की । 
ii. पेड़-पौधों को हरा-भरा करने की 
iii. नवजीवन प्रदान करने की 
iv. तपती हुई धरा को जल से शीतल करने की  
उत्तर-iv. तपती हुई धरा को जल से शीतल करने की  

14. काव्यांश के अनुसार धरती पर मनुष्य की दशा कैसी थी ?
i. मनुष्य व्याकुल बने थे और अनमने थे। 
ii. मनुष्य प्रसन्न थे। 
iii. मनुष्य हर्षित थे। 
iv. मनुष्य संघर्षशील थे। 
उत्तर- i. मनुष्य व्याकुल बने थे और अनमने थे। 

15. बादल किस दिशा से आए हैं ?
i. उत्तर दिशा से 
ii. पूर्व दिशा से 
iii. दक्षिण दिशा से 
iv अज्ञात दिशा से 
उत्तर- iv अज्ञात दिशा से

16. कवि बादलों से क्या चाहता है ?
i. धरा को शीतल करना 
ii. गर्जना 
iii. आकाश में छाना 
iv. अज्ञात दिशा में आना 
उत्तर- i. धरा को शीतल करना

17. काव्यांश में 'निदाघ' किसका प्रतीक है ?
i. गर्मी का 
ii. सर्दी का 
iii. वर्षा का 
iv. कष्टों और दुखों का 
उत्तर- iv. कष्टों और दुखों का 

18. बादलों को नवजीवन वाले कहा गया है क्योंकि-
i. नया जीवन लाते हैं। 
ii. उनकी गर्जना नई जितना से भर देती है। 
iii. नए-नए बनते हैं। 
iv. उनका आकार परिवर्तित होता रहता है। 
उत्तर-ii. उनकी गर्जना नई जितना से भर देती है। 

19. बादलों के हृदय में क्या छिपा हुआ है ?
i. बिजली की चमक 
ii. सुंदरता 
iii. तपन 
iv. छवि 
उत्तर- i. बिजली की चमक

20. काव्यांश में बादल को किसके समान बताया गया है ?
i. बच्चों के 
ii. बिजली के 
iii. गगन के 
iv. बाल कल्पनाओं के
उत्तर-iv. बाल कल्पनाओं के

21. बादलों को किस रूप में प्रस्तुत किया गया है ?
i. सौम्य रूप में 
ii. भयानक रूप में 
iii. बीभत्स रूप में 
iv. क्रांतिकारी रूप में 
उत्तर- iv. क्रांतिकारी रूप में 

22. 'उत्साह' कविता किस शैली में रची गई है ?
i. संबोधन शैली 
ii. चित्रात्मक शैली 
iii. कथात्मक शैली 
iv. मुहावरेदार शैली 
उत्तर- i. संबोधन शैली 

23. 'उत्साह' कविता के कवि हैं-
i. जयशंकर प्रसाद 
ii. देवदत्त 
iii. सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
iv. नागार्जुन 
उत्तर- iii. सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

24. कवि बादल से बरसने के स्थान पर गरजने को क्यों कहता है ?
i. लोगों को डराने के लिए 
ii. परिवर्तन लाने के लिए 
iii. बारिश का संकेत देने के लिए 
iv. राहत देने के लिए 
उत्तर- ii. परिवर्तन लाने के लिए 

25. 'उत्साह' कविता किस शैली में रची गई है ?
i. संबोधन शैली 
ii. चित्रात्मक शैली 
iii. कथात्मक शैली 
iv. मुहावरेदार शैली 
उत्तर- i. संबोधन शैली 

26. 'घेर-घेर घोर गगन, धराधर ओ' - इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है ?
i. उपमा अलंकार 
ii. रूपक अलंकार 
iii. अनुप्रास अलंकार  
iv. श्लेष अलंकार 
उत्तर- iii. अनुप्रास अलंकार

2. अट नहीं रही है' 
अट नहीं रही है 
आभा फागुन की तन 
सट नहीं रही है। 
कहीं साँस लेते हो, 
घर-घर भर देते हो, उड़ने को नभ में तुम 
पर-पर कर देते हो, 
आँख हटाता हूँ तो 
हट नहीं रही है। 
पत्तों से लदी डाल 
कहीं हरी, कहीं लाल, 
कहीं पड़ी है उर में 
मंद गंध पुष्प माल, पाट-पाट शोभा श्री 
पट नहीं रही है।


1. 'कहीं साँस लेते हो' का क्या आशय है? 
i. ज़ोर-ज़ोर साँस लेना 
ii. कभी-कभी साँस लेना 
ii. मंद और सुगंधित हवा का झोंका 
iv. किसी से प्राणवायु लेना 
उत्तर- ii. मंद और सुगंधित हवा का झोंका 

2. फागुन का महीना किस ऋतु में आता है ?
i. शरद् ऋतु में 
ii. वर्षा ऋतु में 
iii. ग्रीष्म ऋतु में 
iv. वसंत ऋतु में
उत्तर- iv. वसंत ऋतु में

3. वृक्षों के गले में पड़ी माला की क्या विशेषता है-
i. वह पत्तों की बनी है। 
ii. उसके फूल मुरझा गए हैं। 
iii. वह मंद सुगंध वाले फूलों की है। 
iv. वह नीले रंग की है।
उत्तर- iii. वह मंद सुगंध वाले फूलों की है। 

4. कवि ने किस की सुंदरता का वर्णन किया है ?
i. बादलों की 
ii. नायिका की 
iii. नदियों की 
iv. फागुन की 
उत्तर- iv. फागुन की 

5. 'घर घर और पर पर' में कौन-सा अलंकार है?
i. मानवीकरण अलंकार
ii. श्लेष 
iii. यमक 
iv. फागुन की 
उत्तर- iv. फागुन की 

6. आकाश में पंख फैलाकर कौन उड़ना चाहता है ?
i. चिड़िया 
ii. कवि का पक्षी रूपी मन 
iii. बादल 
iv. पेड़ के पत्ते 
उत्तर- ii. कवि का पक्षी रूपी मन

7. 'कहीं साँस लेते हो, घर-घर भर देते हो' पंक्ति का क्या अर्थ है ?
i. बादलों का साँस लेना
ii. कवि फागुन की हरियाली को महसूस करता है। 
iii. पेड़ों पर नए पत्ते आए हैं। 
iv. फागुन की साँस का सुगंधित झोंका वातावरण को सुगंधित करता है। 
उत्तर- iv. फागुन की साँस का सुगंधित झोंका वातावरण को सुगंधित करता है। 

8. 'पर-पर कर देने' का अर्थ है- 
i. उत्साह से भर देना। 
ii. दुखी कर देना। 
iii. पंख लगा देना। 
iv. पत्ता-पत्ता बिखेर देना।
उत्तर- i. उत्साह से भर देना। 

9. काव्यांश में किसकी मादकता का वर्णन किया गया है ?
i. वर्षा ऋतु की 
ii. पुष्पों की 
iii. फागुन की 
iv. ग्रीष्म की
उत्तर-iii. फागुन की
 
10. 'सट नहीं रही है' का अर्थ है- 
i. दिख नहीं रही है। 
ii. समा नहीं रही है। 
iii. चल नहीं रही हैं। 
पकड़ी नहीं जा रही है।
उत्तर- ii. समा नहीं रही है। 

11. पत्तों से लदी डाल की क्या विशेषता है ?
i. वह झुकी हुई है। 
ii. वह कहीं हरी, कहीं लाल है। 
iii. वह हवा से हिल रही है।  
iv. वह सूख गई है। 
उत्तर- ii. वह कहीं हरी, कहीं लाल है। 

12. 'अट नहीं रही है' कविता का वर्ण्य विषय है-
i. प्रकृति चित्रण 
ii. ईश्वर भक्ति 
iii. श्रृंगार चित्रण 
iv. युद्ध वर्णन 
उत्तर- i. प्रकृति चित्रण 

13. 'अट नहीं रही है' कविता में क्या नहीं अट रही है ?
i. गीली मिट्टी 
ii. धूल 
iii. फागुन की आभा 
iv. गहरी खाई 
उत्तर- iii. फागुन की आभा 

14. कवि का मन उड़ने को क्यों कर रहा है ? 
i. वह पक्षी बन गया है। 
ii. अत्यधिक उत्साह के कारण 
iii. अत्यधिक दुख के कारण 
iv. पक्षियों को उड़ता देखकर।
उत्तर- ii. अत्यधिक उत्साह के कारण 

15. 'कहीं साँस लेते हो' में कौन-सा अलंकार है ?
i. उपमा अलंकार 
ii. रूपक अलंकार 
iii. श्लेष अलंकार 
iv. मानवीकरण अलंकार 
उत्तर- iv. मानवीकरण अलंकार 


Tuesday, 4 January 2022

DAV CLASS VI SANSKRIT LESSON-8 DHNYA MATRUH MAHIMA/अष्टम पाठ : -धन्या मातुः महिमा

धन्या मातुः महिमा                     अष्टम पाठ :
एक बालकः आसीत् । तस्य नाम आलः आसीत् । एकदा सः मातरम् अपृच्छत् - 'मातः ! मूर्खः कः भवति ? ' माता अवदत्- ' यः बुद्धिहीनः भवति , सः मूर्खः । सः बालकः दुःखी अभवत् अकथयत् च- ' तदा अहं बुद्धिहीनः अस्मि विद्यालये सर्वे माम् मूर्खः ' इति कथयन्ति अ अहं विद्यालय न गमिष्यामि । ' माता अवदत् - ' पुत्र ! निराश मा भव । अह त्वा पाठयिष्यामि । त्वं मूर्खः न असि । ' माता बालक प्रतिदिनम् अपाठयत् । सः बालकः अपि परिश्रमेण अपठत् मातुः सेवा च अकरोत् एकस्मिन् दिवसे सः महान् वैज्ञानिकः अभवत् । तस्य नाम थामस अल्वा एडीसन आसीत् । विद्युद् - दीपक : ग्रामोफ़ोन - यन्त्रम् , चलचित्रयन्त्रम् आदीनि वस्तूनि अस्य एव महावैज्ञानिकस्य आविष्काराः सन्ति । एषः महान् वैज्ञानिकः अकथयत्- ' मम माता एव मम मार्गदर्शिका शिक्षिका च अस्ति ।  सत्यम् एव अस्ति - माता एव अस्माकं परमो गुरुः मार्गदर्शिका च भवति । 
धन्या मातुः महिमा कथ्यते अपि- माता स्वर्गात् उच्चतरा भवति ।

 अनुवाद :एक बालक था। उसका नाम ऑल था। एक बार उसने अपनी माँ से पूछा- मूर्ख कौन होते हैं ? माता ने कहा- जिनकी बुद्धि कम होती है, वे मूर्ख होते हैं। उस बालक ने दुखी हुआ और उसने कहा -तब तो मैं बुद्धिहीन हूँ मेरे विद्यालय में सब मुझे मूर्ख कहते हैं, अब मैं विद्यालय नहीं जाऊँगा। माता ने कहा- पुत्र! निराश मत हो। मैं तुम्हें पढ़ाऊँगी। तुम मूर्ख नहीं हो। माता बालक को प्रतिदिन पढ़ाती थी। वह बालक बड़े परिश्रम के साथ पढ़ता था और अपनी माता की सेवा भी करता था। एक दिन वह बालक महान वैज्ञानिक बना। उसका नाम 'थॉमस आल्वा एडिसन' था। बल्ब, ग्रामोफ़ोन, सिनेमा आदि वस्तुएँ उस महान वैज्ञानिक के अविष्कार थे। उस महान वैज्ञानिक ने कहा - 'मेरी माता मेरी मार्गदर्शिका और मेरी शिक्षिका थी।' 
यह सत्य ही है- माता हमारी परम गुरु और मार्गदर्शिका होती हैं। कथन है - धन्य हे! माता की महिमा, माता का स्थान स्वर्ग से भी ऊँचा होता है। 

अभ्यासः 
1. एतानि वाक्यानि 'शुद्धानि' 'अशुद्धानि' वा इति लिखतु-
i. बालक : आल : महान् वैज्ञानिकः अभवत् ।                          - शुद्धानि
ii  आलः मूर्खः न आसीत् ।                                                    - शुद्धानि
iii  आलः परिश्रमी आसीत् ।                                                  - शुद्धानि
iv  बालकस्य माता तं ' मूर्खः ' इति अकथयत् ।                       - अशुद्धानि
v  बालकस्य माता तं प्रतिदिनम् अपाठयत् ।                            - शुद्धानि
2.. मञ्जूषायाः उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयन्त -
   {  }
 i. एक :  बालक :  आसीत् ।
ii  तस्य  नाम   आलः आसीत् 
iii .स: मूर्ख:  न आसीत् ।  
iv. तस्य  माता  तम् अपाठयत् ।   
v. धन्या मातुः महिमा 
3. विपरीतार्थक शब्दान् चित्वा लिखन्तु -
 i. मूर्खः - विद्वान्
ii. दुःखी - सुखी 
iii. सत्यम् - असत्यम् 
iv. दिवसे -  रात्रौ 
v. बुद्धिहीनः - बुद्धिमान् 
4. एतेषां प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखन्तु-
i. बालकस्य नाम किम् आसीत् ? 
उत्तर- आलः
ii. मूर्खः कः भवति ? 
उत्तर- बुद्धिहीनः 
iii. बालक का प्रतिदिनम् अपाठयत् ? 
उत्तर- माता
iv. किं बालकः महान् वैज्ञानिकः अभवत् ? 
उत्तर- आम्
v. महावैज्ञानिकस्य मार्गदर्शिका का आसीत् ? 
उत्तर- माता
5. एतेषां प्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखन्तु-
i. बालक: आल मातरम् किम् अपृच्छत् ? 
उत्तर- बालक: आल: मातरम् अपृच्छत्- मातः ! मूर्खः कः भवति ? ' 
ii. कः कथयति- 'अहं विद्यालय न गमिष्यामि।' 
उत्तर- आल: कथयति- 'अहं विद्यालय न गमिष्यामि।' 
iii. बालकस्य पूर्ण नाम किम् आसीत् ? 
उत्तर - बालकस्य पूर्ण नाम थामस अल्वा एडीसन आसीत् । 
iv. किं  बालकस्य माता तं प्रतिदिनम् अपाठयत् ?
उत्तर- आम्! बालकस्य माता तं प्रतिदिनम् अपाठयत्। 
v. बालकः केषां वस्तूनाम् आविष्कारान् अकरोत् ? 
उत्तर- बालकः विद्युद्-दीपक:, ग्रामोफ़ोन यन्त्रम्, चलचित्रयन्त्रम् आदीनि वस्तूनाम् आविष्कारान् अकरोत् ।6 स्थूलपदम् आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुर्वन्तु-
i. माता बालकं प्रतिदिनम् अपाठ्यत्।
उत्तर- माता कं प्रतिदिनम् अपाठ्यत्।
ii. बालक: मातरम् अपृच्छत् ? 
उत्तर- बालक:  केषां अपृच्छत् ?
iii. बालक:  परिश्रमी आसीत् । 
उत्तर- कः परिश्रमी आसीत् ? 
iv. माता अस्माकं मार्गदर्शिका भवति । 
उत्तर-  माता केषां मार्गदर्शिका भवति ? 
v. माता स्वर्गात् उच्चतरा भवति । 
उत्तर- माता कस्मात् उच्चतरा भवति ?
7. एतानि वाक्यानि कथाक्रमानुसारेण लिखन्तु-
i. माता तं बालक प्रतिदिनम् अपाठयत् ।
ii. विद्यालये सर्वे तं 'मूर्खः' इति कथयन्ति स्म। 
iii. सः महान् वैज्ञानिकः अभवत् । 
iv. सः दुखी भूत्वा विद्यालय गन्तुम् न इच्छति स्म । 
v. बालक: आल: विद्यालये अपठत् ।
उत्तर- 
i.  बालक: आल: विद्यालये अपठत् ।
ii. विद्यालये सर्वे तं 'मूर्खः' इति कथयन्ति स्म। 
iii. सः दुखी भूत्वा विद्यालय गन्तुम् न इच्छति स्म। 
iv. माता तं बालक प्रतिदिनम् अपाठयत्।
v.  सः महान् वैज्ञानिकः अभवत् । 
 

Monday, 3 January 2022

लघु कथा - अहंकारी वृक्ष, मोर की शिकायत

 1. अहंकारी वृक्ष 

 सुंदर घने वन में खड़े एक वृक्ष के साथ लिपटी एक लता धीरे-धीरे वृक्ष के बराबर ऊँची हो गई । वृक्ष का पाकर उसने भी फलना-फूलना आरंभ कर दिया। यह सब देखकर वृक्ष अहंकार से भर उठा । उसे लगने लगा कि यदि वह नहीं होता तो लता का अस्तित्व ही न होता ।

एक दिन वृक्ष उस लता को धमकाते हुए बोला - सुन ! चुपचाप जो मैं कहता हूँ उसे किया कर, वरना धक्क तुझको भगा दूँगा ।" तभी उस रास्ते पर आ रहे दो पथिक वृक्ष की खूबसूरती देखकर रुक गए । एक पथिक अपने दूसरे साथी पथिक से कहा - भाई ! ये वृक्ष तो अत्यंत सुंदर लग रहा है । इस पर जो सुंदर बेल पुष्पित हो है, उसकी वजह से तो ये और भी सुंदर लग रहा है । इसे देखकर तो मेरी बड़ी इच्छा हो रही है कि इसके नीचे बैठकर कुछ देर विश्राम करूँ।" 

दूसरा पथिक बोला- हाँ भाई तुम बिलकुल सत्य कहते हो । यदि इस वृक्ष पर यह बेल पुष्पित न होती तो शायद इस वृक्ष की सुंदरता इतनी नहीं होती । यह वृक्ष भी और वृक्षों की तरह ही केवल छाँव देता लेकिन खूबसूरत नहीं दिखता। इस बेल ने इस वृक्ष की सुंदरता को और भी निखार दिया है। चलो यहीं थोड़ी देर विश्राम करते हैं और इस सुंदर नजारे का आनंद उठाते हैं ।" 

उन दोनों पथिकों की बातें सुनकर वृक्ष का अहंकार चूर-चूर हो गया और वह बड़ा लज्जित हुआ । उसे इस बात का एहसास हो गया कि उस का महत्व लता के साथ है, उसके बिना नहीं । 

2. मोर की शिकायत 

एक मोर था जो बहुत सुंदर था । उसके पंख बेहद खूबसूरत थे । एक दिन खूब झम झम बारिश हुई और वह नाचने लगा । नाचते हुए वह अपनी खूबसूरती को निहार रहा था , पर अचानक उसका ध्यान अपनी आवाज़ पर गया, जो कि बेहद बेसुरा और कठोर था । इस बात का एहसास होते ही वह बेहद उदास हो गया और उसकी आँखों में आँसू आ गए । तभी अचानक, उसे एक कोयल गाती हुए सुनाई दी । कोयल की मधुर आवाज़ को सुनकर, मोर को अपनी कमी का एक बार फिर एहसास हुआ । वह सोचने लगा कि भगवान ने उसे सुंदरता तो दी पर बेसुरा क्यों बनाया । तभी एक देवी प्रकट हुईं और उन्होंने मोर से पूछा,  तुम क्यों उदास हो ? " मोर ने देवी से अपनी कठोर आवाज़ के बारे में शिकायत की और उनसे पूछा, कोयल की आवाज़ इतनी मीठी है, पर मेरी क्यों नहीं ? इसलिए मैं दुखी हूँ ।" मोर की बात सुनकर देवी ने उसे समझाया, भगवान के द्वारा सभी का हिस्सा निर्धारित है, हर जीव अपने तरीके से खास होता है । भगवान ने उन्हें अलग-अलग बनाया है और वे एक निश्चित काम के लिए हैं । उन्होंने मोर को सुंदरता दी, शेर को ताकत और कोयल को मीठी आवाज़ ! हमें भगवान के दिए इन उपहारों का सम्मान करना चाहिए और जितना है उतने में ही खुश रहना चाहिए ।" देवी की बातों को सुनकर मोर समझ गया कि दूसरों से तुलना नहीं करनी चाहिए बल्कि खुद के हुनर की सराहना करनी चाहिए और उसे और निखारना चाहिए । मोर उस दिन समझा कि हर व्यक्ति किसी न किसी तरह से अद्वितीय होता है । खुद को स्वीकार करना ही खुशी का पहला कदम है । जो कुछ आपके पास नहीं है , उसके लिए दुखी होने के बजाय, आपके पास जो है, उसे स्वीकार करें। 

Sunday, 2 January 2022

CLASS 10 KARTUS Question-Answers Based On Gdyansh / कारतूस गद्यांश पर आधारित प्रश्न-उत्तर : लेखक- हबीब तनवीर


I. कर्नल- जंगल की ज़िंदगी बड़ी खतरनाक होती है। 
लेफ़्टिनेंट- हफ़्तों हो गए यहाँ खेमा डाले हुए। सिपाही भी तंग आ गए हैं। ये वज़ीर अली आदमी है या बहुत, हाथ ही नहीं लगता। 
 कर्नल- उसके अफ़साने सुन के रॉबिनहुड के कारनामे याद आ जाते हैं । अंग्रेजों के खिलाफ़  उसके दिल में किस कदर नफ़रत है। कोई पाँच महीने हुकूमत की होगी । मगर इस पाँच महीने में वो अवध के दरबार को अंग्रेज़ी असर से बिलकुल पाक कर देने में तकरीबन कामयाब हो गया था। 
प्रश्न 1. गद्यांश में किसके अफ़सानों की बात हो रही है और वह कैसा व्यक्ति था ? 
उत्तर- गद्यांश में बज़ीर अली के कारनामों की बात हो रही है । वह एक बहादुर और जाँबाज सिपाही था। शेर की माँद में भी घुसकर लड़ने को हिम्मत रखता था । वह अंग्रेजों को भारत से भगाना चाहता था। 
प्रश्न 2. कौन, किस कामयाब हो गया था ? 
उत्तर- वज़ीर अली ने लगभग पाँच महीने हुकूमत की थी और इन पाँच महीनों में वह अवध को पूरी तरह से अंग्रेजी शासन से मुक्त करने में कामयाब हो गया था। 
प्रश्न 3. कर्नल को जंगल की जिंदगी खतरनाक क्यों लगती है ?
उत्तर- जंगल में आदमी की सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होता। चोर-डकैतों के साथ-साथ हिंसक पशुओं का भय भी सताता रहता है। इसलिए जंगल की ज़िंदगी को खतरनाक कहा गया है। 
प्रश्न 4. वजीर अली की तुलना रॉबिनहुड से क्यों की गई है ?
उत्तर- जिस प्रकार रॉबिनहुड अपने साहसिक और चमत्कारिक कारनामों के लिए जाना जाता था, उसी प्रकार वज़ीर अली भी जाँबाज़ और साहसिक व्यक्ति था। 
प्रश्न 5. वज़ीर अली के विषय में कर्नल और लेफ़्टिनेंट के क्या विचार है ?
उत्तर-  कर्नल के विचार से वज़ीर अली के मन में अंगेज़ों के खिलाफ नफ़रत भरी हुई थी। अवध में अपनी पाँच महीने की हुकूमत में अवध को अंगेज़ों के प्रभाव से लगभग मुक्त कर दिया था। लेफ़्टिनेंट ने उसे आदमी नहीं, भूत बताया, क्योंकि वह इन लोगों की पकड़ में नहीं आ रहा था। 
प्रश्न 3. पाठ तथा लेखक का नाम लिखिए । 
उत्तर- पाठ का नाम- कारतूस 
          लेखक का नाम- हबीब तनवीर

 
II. कर्नल अपने जानिसारों समेत आजमगढ़ की तरफ़ भाग गया। आजमगढ़ के हुक्मरां ने उन लोगों को अपनी हिफ़ाज़त में घागरा तक पहुँचा दिया। अब ये कारवाँ इन जंगलों में कई साल से भटक रहा है । 
लेफ़्टिनेंट - मगर वजीर अली की स्कीम क्या है ? 
कर्नल- स्कीम ये है कि किसी तरह नेपाल पहुँच जाए।अफ़गानी हमले का इंतजार करे, अपनी ताकत बढ़ाए सआदत अली को से हटाकर खुद अवध पर कब्ता करे और अंग्रेजों को हिंदुस्तान से निकाल दे ।
 लेफ़्टिनेंट– नेपाल पहुँचना तो कोई ऐसा मुश्किल नहीं, मुमकिन है कि पहुँच गया हो।  कर्नल- हमारी फ़ौजें और नवाब सआदत अली खाँ के सिपाही बड़ी सख्ती से उसका पीछा कर रहे हैं । हमें अच्छी तरह मालूम है कि वो इन्हीं जंगलों में है । ( एक सिपाही तेजी से दाखिल होता है ) 
प्रश्न1. 'जानिसार' शब्द किनके लिए प्रयुक्त हुआ है ? आजमगढ़ के हुक्मरों ने क्या सहायता की ? 
उत्तर- 'जानिसार' शब्द का प्रयोग लेखक ने उन बहादुर वीरों के लिए किया है, जो देश के लिए प्राणों का बलिदान करने में तनिक नहीं हटते । इन्हें अपनी जान की परवाह नहीं होती ।
प्रश्न2. वजीर अली की स्कीम क्या थी ?
उत्तर- वज़ीर अली की स्कीम यह थी कि किसी तरह वह नेपाल पहुँच जाए, अफ़गानी हमले का इंतजार करे, अपनी ताकत बढ़ाए, सआदत अली को उसके पद से हटाकर खुद अवध पर कब्ता करे और अंग्रेजों को हिंदुस्तान से बाहर निकाल दे। 


III. लेफ़्टीनेंट - वज़ीर अली को आजादी बहुत खतरनाक है । हमें किसी न किसी तरह इस शख्स को गिरफ़्तार कर ही लेना चाहिए। 
कर्नल - पूरी एक फ़ौज लिए उसका पीछा कर रहा हूँ और बरसों से वो हमारी आँखों में धूल झोंक रहा है और इन्हीं जंगलों में फिर रहा है और हाथ नहीं आता । उसके साथ चंद जाँबाज हैं। मुट्ठी भर आदमी मगर ये दमखम है।
लेफ़्टीनेंट - सुना है वजीर अली जाती तौर से भी बहुत बहादुर आदमी है । 
कर्नल- बहादुर न होता तो यूँ कंपनी के वकील को कत्ल कर देता ? 
लेफ़्टीनेंट- ये कत्ल का क्या किस्सा हुआ था कर्नल ? 
किस्सा क्या हुआ था उसको उसके पद से हटाने के बाद हमने वजीर अली को बनारस पहुँचा दिया और तीन लाख रुपया सालाना मुकर्रर कर दिया। कुछ महीने बाद गवर्नर जनरल ने उसे कलकत्ता ( कोलकाता ) तलब किया। वजीर अली कंपनी के वकील के पास गया जो बनारस में रहता था और उससे शिकायत की कि गवर्नर जनरल उसे कलकत्ता में क्यूँ तलब करता है । वकील ने शिकायत की परवाह नहीं की उलटा उसे बुरा-भला सुना दिया। वजीर अली के तो दिल में यूँ भी अंग्रेजों के खिलाफ़ नफ़रत कूट-कूटकर भरी है उसने खंजर से वकील का तमाम कर दिया। 
प्रश्न1. वजीर अली कौन था ? उसे किसने बनारस पहुँचाया ? 
उत्तर- अवध का शासक वज़ीर अली था । अंग्रेज अफ़सरों ने उसे शासक के पद से हटाकर बनारस पहुँचाया था ।
प्रश्न 2. वजीर अली ने वकील की हत्या क्यों की ? 
उत्तर- जब वजीर अली गर्वनर जनरल के बुलाने पर कलकत्ता आया तो उसने वकील से उसे वहाँ बुलवाने का कारण पूछा। वकौल ने उसको बात की परवाह न करके बल्कि उसे खरी-खोटी सुनानेमें  लगा। इस पर वजीर अली गुस्से में आपे से बाहर हो गया और उसने वकील को हत्या कर दी ।
 प्रश्न 3. पद से हटाए जाने के बदले में वजीर अली को क्या दिया गया ? 
उत्तर- पद से हटाए जाने के बदले बजौर अली को तीन लाख रुपए सालाना वजीफ़ा दिया गया। 
प्रश्न 4. लेफ़्टिनेंट वज़ीर अली की आज़ादी को खतरनाक क्यों मानता था ?
उत्तर- लेफ़्टिनेंट कर्नल के साथ हफ़्तों से गोरखपुर के जंगलों की खाक छान रहा था किंतु वज़ीरअली पकड़ में नहीं आ रहा था। दूसरे लेफ़्टिनेंट ने सुन रखा था कि वज़ीर अली ने अंग्रेजों पर हमला करने के लिए अफ़गानिस्तान के बादशाह शाहे-ज़मा को निमंत्रण दे रखा है। उसने कर्नल से उसकी पाँच महीने की हुकूमत में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ किए गए उसके कारनामों को जान लिया था। 
प्रश्न 5. कर्नल वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए क्या प्रयत्न कर रहा था ?
उत्तर- कर्नल हफ़्तों से एक पूरी फ़ौज के साथ गोरखपुर के जंगलों में भटक रहा था। 
प्रश्न 6. कर्नल ने किस उदाहरण से वज़ीर अली की बहादुरी की पुष्टि की ?
उत्तर- वज़ीर अली ने बनारस में रहने वाले अपने वकील की हत्या कर दी थी, क्योंकि उसने वज़ीर अली की शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया था, उलटे वज़ीर अली को ही फटकार लगा दी थी। 

IV.  कर्नल- मैंने भी यह सुन रखा है । आप क्या चाहते हैं ?  
सवार - चंद कारतूस 
कर्नल - किसलिए ?
सवार- वजीर अली को गिरफ्तार करने के लिए । 
कर्नल- ये लो दस कारतूस  
सवार- ( मुसकराते हुए ) शुक्रिया । 
कर्नल - आपका नाम ? 
सवार - वजीर अली । आपने मुझे कारतूस दिए इसलिए आपकी जान बख्शी करता हूँ । ( ये कहकर बाहर चला जाता है, टापों का शोर सुनाई देता है । कर्नल एक सन्नाटे में है । हक्का-बक्का खड़ा है कि लेफ्टीनेंट अंदर आता है।)
लेफ्टीनेंट-  कौन था ?
कर्नल - ( दबी जबान से अपने आप से कहता है ) एक जांबाज़ सिपाही। 
प्रश्न 1. सवार कौन था ? वह कर्नल के पास क्यों आया था ?
उत्तर- सवार वास्तव में स्वयं वजीर अला था जिसे अंग्रेज सरकार दृढ़ रहा था। मगर कर्नल ने उसे एक घुड़सवार समझा । उसने कर्नल से दस कारतूस माँगे ।
प्रश्न 2. कर्नल के हक्क-बक्का होने का क्या कारण था ?
उत्तर- कर्नल के पास जब सवार कारतूस माँगने आया तो उसने कारण पूछा । सवार ने कहा कि वह वजीर गिरफ़्तार करने के लिए कारतूस माँग रहा है। लेकिन जब कर्नल ने सवार से उसका नाम पूछा तो उसने वजीर अली बताया । यह सुनते ही कर्नल हक्का-बक्का रह गया क्योंकि जिस वजीर अली को वह तलाश रहा था , वह उसके सामने आया और वह पहचान नहीं पाया । 


V. लेफ्टीनेंट- कर्नल कालिंज ये सआदत अली कौन है ?
कर्नल - आसिफउद्दौला का भाई है। वज़ीर अली और उसका दुश्मन। असल में नवाब आसिफउद्दौलाके यहाँ लड़के की कोई उम्मीद नहीं थी। वज़ीर अली की पैदाइश को सआदत अली ने अपनी मौत खयाल किया। 
प्रश्न 1. सआदत अली कौन था ? उसकी क्या इच्छा थी ? 
उत्तर-  सआदत अली आसिफ़उद्दौला का भाई था जो कि वज़ीर अली का पिता था। वजीर अली के पैदा होने से पहले आसिफ़उद्दौला क कोई औलाद नहीं थी इसलिए सआदत अली नवाब बनने की उम्मीद और इच्छा रखता था। 
प्रश्न 2. वजीर अली के पैदा होने से सआदत अली को क्या हानि हुई ? 
उत्तर- जब वज़ीर अली पैदा हुआ तो सआदत अली को अपनी उम्मीद टूटती नज़र आई क्योंकि अब तो आसिफ़उद्दौला का बेटा ही नवाब बनेगा । इसलिए वजीर अली की पैदाइश पर उसकी नवाब बनने की उम्मीद का टूटना ही उसकी हानि थी ।